Minimum wage hike 2026 : केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में बदलाव के साथ ठेका कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी को संशोधित किया है। इस फैसले का फायदा निर्माण, सफाई, लोडिंग-अनलोडिंग और चौकीदारी जैसे कामों में लगे ठेका श्रमिकों को मिलेगा। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं, जिससे श्रमिकों की रोजाना आय में सीधा इजाफा हुआ है।

किस श्रेणी को कितनी मजदूरी मिलेगी
श्रम ब्यूरो के संशोधित आदेश के मुताबिक, निर्माण और रखरखाव कार्यों में अकुशल ठेका कर्मचारी को ए-श्रेणी क्षेत्र में 840 रुपये प्रतिदिन, बी-श्रेणी क्षेत्र में 704 रुपये और सी-श्रेणी क्षेत्र में 565 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे।
अर्ध-कुशल या अकुशल पर्यवेक्षक श्रेणी के कर्मचारियों को ए-श्रेणी क्षेत्र में 933 रुपये, बी-श्रेणी में 794 रुपये और सी-श्रेणी में 661 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे।
कुशल कर्मचारियों और क्लर्क श्रेणी के लिए ए-श्रेणी क्षेत्र में दैनिक मजदूरी 1,024 रुपये, बी-श्रेणी में 933 रुपये और सी-श्रेणी में 794 रुपये तय की गई है।
अत्यधिक कुशल श्रमिकों को ए-श्रेणी में 1,111 रुपये, बी-श्रेणी में 1,024 रुपये और सी-श्रेणी में 933 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। ये दरें काम की प्रकृति, कौशल और कार्यस्थल के शहरी वर्गीकरण पर निर्भर करती हैं।
रेलवे के माल गोदामों और पार्सल कार्यालयों में लोडिंग-अनलोडिंग करने वाले श्रमिकों के लिए महंगाई भत्ता भी बढ़ाया गया है। अकुशल श्रमिकों को क्षेत्र ए में 317 रुपये, क्षेत्र बी में 267 रुपये और क्षेत्र सी में 215 रुपये प्रतिदिन वीडीए मिलेगा। वहीं अत्यधिक कुशल श्रमिकों के लिए यह भत्ता क्रमशः 418, 387 और 354 रुपये प्रतिदिन रखा गया है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
यह बढ़ोतरी केंद्रीय क्षेत्र में काम करने वाले ठेका और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों पर लागू होगी। इसमें निर्माण साइट, सफाई व्यवस्था, चौकीदारी तथा लोडिंग-अनलोडिंग के काम में लगे श्रमिक शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य है कि महंगाई के दबाव को देखते हुए श्रमिकों की खरीद क्षमता बनी रहे और उन्हें न्यूनतम वेतन का पूरा लाभ मिले।
इसके अलावा हरियाणा जैसे राज्यों में भी न्यूनतम मजदूरी की अलग दरें लागू हैं। 1 अप्रैल 2026 से हरियाणा में अकुशल कर्मचारी को 585.41 रुपये प्रतिदिन, अर्ध-कुशल को 645.41 रुपये, कुशल को 711.56 रुपये और अत्यधिक कुशल को 747.14 रुपये प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी मिलनी चाहिए। ये दरें कारखानों, प्रतिष्ठानों और ठेका श्रम व्यवस्था में काम करने वालों पर लागू होती हैं।
इसे भी पढ़ें : Lips care tips at home : सर्दियों में होंठ फटने से बचाने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय
कर्मचारियों को चाहिए कि वे अपने वेतन पर्चियों में मूल वेतन, महंगाई भत्ता और काम के दिनों की जानकारी जरूर देखें। अगर नियोक्ता निर्धारित न्यूनतम दर से कम भुगतान कर रहा हो, तो श्रम विभाग में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। वेतन की गणना आमतौर पर मासिक वेतन को 26 दिनों से बांटकर की जाती है, जबकि कटौती के लिए 30 दिनों का आधार रखा जाता है।
Pingback: India vs New Zealand Match Scorecard : भारत और न्यूजीलैंड के मैच का स्कोरकार्ड, देखें रन, विकेट और पूरी जानकारी - Jaipur Newz