Jaipur metro news : जयपुर के लोगों के लिए आवागमन की दिक्कत घटाने की दिशा में एक बड़ी तैयारी हो रही है। मेट्रो के पूर्व-पश्चिम गलियारे के विस्तार के बाद शहर के पश्चिमी हिस्से से पूर्वी छोर तक यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे न केवल सफर का समय घटेगा, बल्कि सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।

अभी जयपुर मेट्रो मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक चल रही है। इस मार्ग की लंबाई करीब 11.64 किलोमीटर है और इसमें 11 स्टेशन आते हैं। यह गलियारा शहर के आवासीय इलाकों को वाणिज्यिक क्षेत्र और ऐतिहासिक प्राचीर नगर से जोड़ता है।
कौन-से इलाके जुड़ेंगे
मेट्रो के फेज-1C और फेज-1D विस्तार के पूरा होने के बाद शहर का मेट्रो नेटवर्क करीब 18 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा। फेज-1C के तहत बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक करीब 3.85 किलोमीटर का कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जबकि फेज-1D में मानसरोवर से अजमेर रोड स्थित 200 फीट बाईपास तक लगभग 2 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक तैयार किया जा रहा है।
इसके बाद 200 फीट बाईपास से ट्रांसपोर्ट नगर तक मेट्रो से सीधा सफर संभव होगा। यानी पश्चिमी जयपुर के मानसरोवर, अजमेर रोड और 200 फीट बाईपास क्षेत्र से लेकर पूर्वी ओर के ट्रांसपोर्ट नगर तक के यात्रियों को एक ही मेट्रो लाइन पर सुविधा मिलेगी। अजमेर बाईपास चौराहे पर फेज-1D का अंतिम स्टेशन बनने की योजना है।
फिलहाल फेज-1D के तहत दो किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ट्रैक के पिलर और आई-गर्डर लगाने का काम पूरा हो चुका है। अब ट्रैक बिछाने, बिजली आपूर्ति, सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी कार्यों पर ध्यान दिया जाएगा। इसके बाद परीक्षण और सुरक्षा मंजूरी के बाद मेट्रो सेवा शुरू हो सकेगी।
यात्रा में कितनी बचत होगी
अधिकारियों का अनुमान है कि दोनों विस्तार पूरे होने के बाद 200 फीट बाईपास से ट्रांसपोर्ट नगर की दूरी मेट्रो से करीब 35 मिनट में तय हो सकेगी। इसी दूरी को सड़क मार्ग से तय करने में अक्सर एक घंटे तक का समय लगता है, खासकर व्यस्त समय में।
मेट्रो विस्तार के बाद रोजाना करीब 1.10 लाख यात्रियों के मेट्रो से सफर करने की संभावना जताई जा रही है। अभी मानसरोवर से बड़ी चौपड़ के बीच रोजाना लगभग 66 हजार यात्री मेट्रो का इस्तेमाल कर रहे हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ने से निजी वाहनों की निर्भरता घट सकती है और प्रमुख सड़कों पर जाम से राहत मिल सकती है।
फेज-1D परियोजना की अनुमानित लागत करीब 400 करोड़ रुपये है और इसे जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर विस्तार का काम अपेक्षाकृत लंबा चलने का अनुमान है, क्योंकि इसमें भूमिगत सुरंग निर्माण भी शामिल है।
शहर के लिए बड़ा बदलाव
विस्तार केवल दूरी छोटी करने का प्रोजेक्ट नहीं है। मानसरोवर, अजमेर रोड, 200 फीट बाईपास और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे क्षेत्रों में आवासीय कॉलोनियां, दुकानें, कार्यालय और व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन की जरूरत पहले से ज्यादा महसूस की जा रही थी।
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मेट्रो स्टेशनों के आसपास के इलाकों की पहुंच बेहतर होगी, जिससे रोजगार, व्यापार और संपत्ति के विकास को भी गति मिल सकती है। साथ ही छात्र, कर्मचारी, व्यापारी और रोज शहर के दूसरे हिस्से में जाने वाले लोगों के लिए सफर ज्यादा नियमित और आरामदायक होगा।