Crude Oil Price Today : कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को लगभग तीन महीने की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। ब्रेंट क्रूड 7.63 फीसदी गिरकर 104.77 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 7.36 फीसदी गिरकर 96.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीदों का बढ़ना बताया जा रहा है, जिससे मध्य पूर्व से तेल सप्लाई रुकने का खतरा कम हुआ है।

क्या पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक दिन की गिरावट तुरंत पंपों तक नहीं पहुंचती। तेल कंपनियां ग्लोबल क्रूड रेट, डॉलर-रुपया विनिमय दर, कर और मार्जिन को देखकर कीमत तय करती हैं।
आज यानी 3 नवंबर को दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। गुरुग्राम में पेट्रोल 102.97 रुपये और डीजल 95.64 रुपये प्रति लीटर है, जबकि जयपुर में पेट्रोल 112.69 रुपये और डीजल 97.78 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। यानी अभी उपभोक्ताओं को कोई बड़ी राहत नहीं मिली है।
अगर ब्रेंट क्रूड लगातार 104 से 105 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर टिकता रहता है और रुपया स्थिर रहता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हल्की कटौती की संभावना बन सकती है। लेकिन यह फैसला पूरी तरह ग्लोबल बाजार की स्थिरता और जियोपॉलिटिकल हालात पर निर्भर करेगा।
आगे का रुख कैसा रहेगा
मंगलवार की शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड फिर थोड़ा उछलकर 105 डॉलर के करीब पहुंच गया, जबकि WTI 97 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था। ईरान के केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले की खबरों के बाद तेल सप्लाई को लेकर चिंता एक बार फिर बढ़ गई है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका-ईरान वार्ता में ठोस प्रगति होती है, तो कच्चे तेल में गिरावट जारी रह सकती है। वहीं, यदि तनाव फिर गहराता है तो ब्रेंट क्रूड 120 से 125 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है, जिससे भारत में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
यात्रियों के लिए अभी इंतजार ही बेहतर विकल्प है, क्योंकि कच्चे तेल में गिरावट का पूरा फायदा पंपों तक पहुंचने में समय लग सकता है। रोज सुबह अपने शहर का अपडेटेड रेट देखते रहना बेहतर रहेगा।