Rajasthan Mandi Bhav update today : राजस्थान की मंडियों में आज सोयाबीन और सरसों के भाव में तेजी देखी जा रही है, जबकि गेहूं के भाव में कुछ नरमी आई है। राज्य की मंडियों में सोयाबीन का औसत मोडल भाव लगभग ₹6,694 प्रति क्विंटल और सरसों का औसत मोडल भाव लगभग ₹8,066 प्रति क्विंटल रहा है। वहीं गेहूं का औसत मोडल भाव लगभग ₹2,858 प्रति क्विंटल है।
इसके साथ ही राज्य की कई मंडियों में नई नीलामी व्यवस्था लागू की जा रही है। ई-नाम 2.0 प्लेटफॉर्म से जुड़ी मंडियों में अब स्वचालित बोली प्रणाली, मांग-आपूर्ति डेटा और डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलेगी, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।

सोयाबीन के भाव में तेजी
राजस्थान में सोयाबीन का औसत मोडल भाव लगभग ₹6,694 प्रति क्विंटल रहा है, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य से लगभग ₹986 ऊपर है। कुछ मंडियों में यह भाव ₹6,105 से ₹6,943 प्रति क्विंटल के बीच रहा है।
अरनोद मंडी में सोयाबीन का सबसे ऊंचा मोडल भाव ₹7,725 प्रति क्विंटल रहा है। राज्य की 26 मंडियों का औसत मोडल भाव ₹6,644 रहा है, जो किसानों के लिए अच्छा संकेत है।
सरसों के भाव में उछाल
सरसों का औसत मोडल भाव राज्य की 93 मंडियों में लगभग ₹8,066 प्रति क्विंटल रहा है। मालपुरा मंडी में यह भाव ₹9,160 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा भाव है।
जयपुर मंडी में सरसों मिल डिलीवरी 50 रुपए प्रति क्विंटल मजबूत हुई है, जिससे सरसों कच्ची घाणी तेल भी 50 रुपए प्रति क्विंटल महंगा हो गया। तेल मिलों की लिवाली से सरसों की मांग बढ़ी है।
गेहूं के भाव में नरमी
गेहूं का औसत मोडल भाव राज्य की 31 मंडियों में लगभग ₹2,858 प्रति क्विंटल रहा है, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य से लगभग ₹273 ऊपर है। कुछ मंडियों में यह भाव ₹2,700 से ₹3,008 प्रति क्विंटल के बीच रहा है।
जयपुर मंडी में गेहूं मिल डिलीवरी 100 रुपए प्रति क्विंटल मजबूत हुई थी, लेकिन अब कुछ मंडियों में भाव में नरमी आई है। सप्लाई और मांग के अंतर से भाव में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
मंडियों में नई नीलामी व्यवस्था
राजस्थान की 173 मंडियां ई-नाम से जुड़ी हैं, जिससे किसानों को बेहतर दाम और पारदर्शी नीलामी की सुविधा मिलेगी। ई-नाम 2.0 प्लेटफॉर्म से अब स्वचालित बोली प्रणाली, मांग-आपूर्ति डेटा और डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलेगी।
इस नई व्यवस्था से किसानों को सीधे बैंक खातों में भुगतान मिलेगा और व्यापारियों को पूरे राज्य के लिए एकल लाइसेंस मिलेगा। इससे अंतर-राज्यीय कृषि व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
किसानों के लिए क्या मायने रखता है?
सोयाबीन और सरसों के बढ़ते भाव से किसानों को अच्छा दाम मिलेगा। खासकर सरसों का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी ऊपर है, जो किसानों के लिए अच्छा संकेत है।
गेहूं के भाव में नरमी से कुछ किसानों को नुकसान हो सकता है, लेकिन नई नीलामी व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।
आगे की राह क्या है?
आने वाले दिनों में सोयाबीन और सरसों के भाव में और तेजी आ सकती है, क्योंकि तेल मिलों की मांग बढ़ रही है। गेहूं के भाव में भी उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, क्योंकि सप्लाई और मांग के अंतर से भाव प्रभावित हो रहे हैं।
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नई नीलामी व्यवस्था से किसानों को बेहतर दाम और पारदर्शिता मिलेगी। ई-नाम 2.0 प्लेटफॉर्म से जुड़ी मंडियों में स्वचालित बोली प्रणाली और डिजिटल भुगतान की सुविधा से किसानों को फायदा होगा।