Government subsidy Scheme 2026 : केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए पीएम-कुसुम योजना के तहत 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही हैं।

इसमें केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित लागत का 30 प्रतिशत और राज्य सरकार की ओर से कम से कम 30 प्रतिशत सहायता शामिल है, जिससे किसान को कुल 60 प्रतिशत तक राहत मिल सकती है। बाकी लगभग 40 प्रतिशत राशि किसान को देनी होती है, जिसे कई राज्यों में बैंक लोन के विकल्प से भी जोड़ा जा सकता है।
कौन कर सकता है आवेदन
का लाभ मुख्य रूप से उन किसानों को मिलता है जिनके पास कृषि योग्य भूमि है और जिन्हें सिंचाई के लिए पंप की जरूरत है। आवेदक के पास वैध भूमि दस्तावेज, आधार कार्ड, बैंक खाता और बिजली कनेक्शन से जुड़े दस्तावेज होने चाहिए। कई राज्यों में सामूहिक आवेदन, फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन, पंचायत, सहकारिता संस्थाएं और पानी उपयोगकर्ता संघ भी पात्र हो सकते हैं।
सब्सिडी की सटीक राशि राज्य, पंप की क्षमता और स्वीकृत परियोजना लागत पर निर्भर करती है। इसलिए आवेदन से पहले अपने राज्य के कृषि विभाग या नोडल एजेंसी से नवीनतम नियम जांच लेना जरूरी है।
किसानों को क्या फायदा
सोलर पंप लगने के बाद किसानों की डीजल और बिजली पर निर्भरता कम हो जाती है। दिन के समय सूरज की रोशनी से पानी निकाला जा सकता है, जिससे सिंचाई की लागत घटती है और फसल चक्र बेहतर होता है। कुछ मामलों में बचा हुआ बिजली ग्रिड को बेचकर किसान अतिरिक्त आमदनी भी कमा सकते हैं।
यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए खास तौर पर उपयोगी है, क्योंकि शुरुआती खर्च का बड़ा हिस्सा सरकार उठाती है। सोलर पंप की मरम्मत भी पारंपरिक डीजल पंप की तुलना में अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे लंबे समय में बचत होती है।
आवेदन कैसे करें
किसान पीएम-कुसुम योजना के लिए अपने राज्य की नोडल एजेंसी के पोर्टल या कृषि विभाग के कार्यालय से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन में आधार, बैंक पासबुक, भूमि रिकॉर्ड, पहचान पत्र और बिजली कनेक्शन की जानकारी अपलोड करनी होती है। आवेदन के बाद पात्रता जांच, साइट सत्यापन और वेंडर चयन की प्रक्रिया पूरी होती है।
कई जगहों पर झूठे एजेंट योजना के नाम पर पैसे मांगते हैं। इसलिए किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को नकद या ऑनलाइन भुगतान न करें और केवल सरकारी पोर्टल या अधिकृत कार्यालय से ही जानकारी लें।
अन्य योजनाओं में भी सब्सिडी
60 प्रतिशत सब्सिडी सिर्फ सोलर पंप तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में महिलाओं, एससी और एसटी वर्ग के लाभार्थियों को स्वीकृत परियोजना लागत पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल सकती है, जबकि सामान्य वर्ग के लिए यह दर 40 प्रतिशत तक है।
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इसके तहत मछली पालन, बायोफ्लॉक यूनिट, आइस बॉक्स वाली वेंडिंग गाड़ी और मछली बिक्री से जुड़े व्यवसाय के लिए सहायता उपलब्ध है।
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