Haryana Elevated Road News : गुरुग्राम के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए नई एलिवेटेड सड़क परियोजनाओं को गति मिल रही है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) पर लगभग 776 करोड़ रुपये की लागत से 4.23 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए टेंडर जारी किए हैं। यह मार्ग वाटिका चौक से दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर द्वारका एक्सप्रेसवे के क्लोवरलीफ तक बनेगा।

प्रोजेक्ट से क्या बदलेगा
यह एलिवेटेड रोड सोहना रोड, गुरुग्राम और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे को सीधे जोड़ेगा। इससे स्थानीय वाहनों और लंबी दूरी के ट्रैफिक को अलग किया जा सकेगा, जिससे पीक आवर्स में जाम कम होने की उम्मीद है। GMDA के अनुसार, काम आवंटित होने के बाद इसे पूरा करने में लगभग 30 महीने लग सकते हैं।
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली-जयपुर हाईवे यानी NH-48 से बेहतर जुड़ाव होगा। NHAI पहले से ही MG रोड के एलिवेटेड हिस्से को दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे से जोड़ने के विकल्प तलाश रहा है, ताकि मानेसर और जयपुर की ओर जाने वाला ट्रैफिक बिना रुकावट हाईवे पर पहुंच सके।
सोहना चौक को भी मिलेगा राहत
गुरुग्राम के अलावा नूंह जिले के सोहना चौक पर भी बड़ा एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। केंद्र सरकार ने NH-919 और NH-248A के चौराहे पर 2.75 किलोमीटर लंबे और छह-लेन वाले इस कॉरिडोर के लिए 340.78 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह परियोजना सोहना से गुजरने वाले ट्रैफिक को सिग्नल-फ्री बनाएगी।
सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और कुंडली-मानेसर-पालवल (KMP) एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा। इससे गुरुग्राम, नूंह, सोहना और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सफर तेज और आसान होने की संभावना है।
इसके साथ ही GMDA ने गुरुग्राम में दादी सती चौक और अंबेडकर चौक पर फ्लाईओवर तथा मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास अंडरपास बनाने को भी मंजूरी दी है। इन तीनों परियोजनाओं पर 136.41 करोड़ रुपये खर्च होंगे और टेंडर आवंटन के बाद 18 महीने में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से गुरुग्राम के प्रमुख जंक्शनों पर भीड़ कम होगी और दिल्ली, जयपुर, सोहना तथा मानेसर के बीच यात्रा का समय घटने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण के दौरान कुछ समय के लिए डायवर्जन और ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव हो सकते हैं।