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हरियाणा में मौसम का अलर्ट, 15 जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी, 5 में येलो अलर्ट

Haryana Weather Alert : हरियाणा में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से प्रदेश के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 15 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ अन्य जिलों में यलो अलर्ट लागू है।

Haryana Weather Alert

किन जिलों में बड़ा असर

मौसम विभाग के अनुसार, पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, भिवानी, चरखी दादरी और जींद जिलों में मौसम का असर ज्यादा दिख सकता है।

इन इलाकों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। करनाल और यमुनानगर में आंधी की आशंका भी जताई गई है, इसलिए वहां लोगों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

कब तक रहेगा असर

मौसम विभाग ने 29 से 31 अक्टूबर तक के लिए अलर्ट जारी किया है। 29 और 30 अक्टूबर को आंधी-तूफान, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना सबसे ज्यादा बताई गई है।

31 अक्टूबर तक मौसम खराब रह सकता है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और हवा की रफ्तार अलग-अलग जिलों में अलग-अलग रह सकती है, इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी है।

तूफान अर्नब का असर

इस बदलाव की वजह चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को माना जा रहा है, जो तट से टकराने के बाद भीतर की ओर बढ़ा है। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में भी गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

हरियाणा के पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और यमुनानगर के कुछ हिस्सों में पहले ही बारिश हो चुकी है। बूंदाबांदी के बाद आसमान में काले बादल छा गए और ठंड का अहसास बढ़ गया है।

किसानों के लिए चिंता की बात

इस समय खेती के मौसम में ओलावृष्टि और तेज हवाएं किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं। खड़ी फसल, सब्जी की बारियां और फलों के बगीचों को नुकसान होने की आशंका है।

किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि फसल को ढकने, पलेटिंग करने या जरूरी उपाय करने से पहले स्थानीय कृषि विभाग और मौसम विभाग की सलाह लें। तेज हवाओं में छिड़काव और छिड़काव यंत्रों के इस्तेमाल से बचना बेहतर रहेगा।

यात्रा और दैनिक जीवन पर असर

बारिश और आंधी के चलते सड़कों पर पानी भरने, ट्रैफिक धीमा होने और दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। खासकर गुरुग्राम, फरीदाबाद और पानीपत जैसे शहरी इलाकों में जलजमाव की संभावना रहती है।

लोगों को सलाह दी जाती है कि जरूरी न हो तो तेज बारिश या आंधी के समय यात्रा टालें। पेड़ों, बिजली के खंभों और विज्ञापन बोर्डों के पास खड़े होने से बचें, क्योंकि तेज हवाओं में ये खतरा पैदा कर सकते हैं

यलो अलर्ट का मतलब क्या है

यलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम में बदलाव की संभावना है, लेकिन यह आमतौर पर ऑरेंज या रेड अलर्ट जितना गंभीर नहीं माना जाता। फिर भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के चलते सावधानी बरतनी जरूरी है।

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इसके उलट ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम अधिक प्रभावी हो सकता है और लोगों को तैयारी बरतनी चाहिए। इसलिए 15 जिलों के लिए जारी ऑरेंज अलर्ट को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

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