Delhi to Haridwar in Just 1 hours 30 Minutes : दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार जाने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि नया दिल्ली-हरिद्वार एक्सप्रेसवे अगले दो महीनों में तैयार हो सकता है, जिसके बाद यह सफर महज डेढ़ घंटे यानी 90 मिनट में पूरा हो सकेगा।

अभी कितना समय लगता है?
इस समय दिल्ली से हरिद्वार पहुंचने में आमतौर पर तीन से चार घंटे लग जाते हैं। खासकर छुट्टियों, सप्ताहांत और कांवड़ जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान ट्रैफिक की वजह से यह समय और भी बढ़ जाता है।
नए एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यही सफर करीब 90 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है। यानी लोग सुबह दिल्ली से निकलकर गंगा स्नान कर सकेंगे और नाश्ता भी हरिद्वार में कर सकेंगे।
क्या है नया प्रोजेक्ट?
कनेक्टिविटी मुख्य रूप से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और हरिद्वार स्पर से जुड़ी है। हरिद्वार स्पर परियोजना लगभग 51 किलोमीटर लंबी और छह लेन वाली बताई गई है, जिसका काम पहले ही काफी आगे बढ़ चुका है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद देहरादून का सफर पहले के लगभग सात घंटे से घटकर दो घंटे के आसपास पहुंच गया है। अब हरिद्वार के लिए भी इसी तरह की तेज कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों को फायदा
हरिद्वार धार्मिक महत्व के साथ-साथ उत्तराखंड के पर्यटन का भी बड़ा केंद्र है। यहां से ऋषिकेश, देहरादून, मसूरी और चारधाम यात्रा के लिए भी लोग आगे बढ़ते हैं। तेज रास्ता मिलने से वीकेंड ट्रिप और छोटी धार्मिक यात्राएं और आसान हो जाएंगी।
इसका सीधा फायदा दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और आसपास के इलाकों के लोगों को मिलेगा। लंबे सफर में कम समय लगने से ईंधन खर्च भी घट सकता है और यात्रा का थकान भी कम होगा।
व्यापार और रोजगार को भी फायदा
सड़क कनेक्टिविटी सिर्फ यात्रियों के लिए नहीं, व्यापार के लिए भी मायने रखती है। हरिद्वार और उत्तराखंड के अन्य हिस्सों से आने-जाने वाला माल तेजी से पहुंच सकेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और लॉजिस्टिक्स को लाभ मिल सकता है।
इसके साथ ही होटल, धर्मशाला, रेस्टोरेंट, ट्रैवल और पर्यटन से जुड़े कारोबारों को भी बढ़त मिल सकती है। तेज कनेक्टिविटी से दिल्ली-एनसीआर के लोगों की हरिद्वार आने की संख्या बढ़ने की संभावना है।
कब शुरू होगी सुविधा?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि यह एक्सप्रेसवे अगले एक से दो महीनों में तैयार हो सकता है। हालांकि, अभी उद्घाटन की सटीक तारीख और पूरे मार्ग के चालू होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।
इसलिए यात्रियों को अभी यह मानकर योजना नहीं बनानी चाहिए कि पूरा रास्ता तुरंत खुल जाएगा। आधिकारिक घोषणा के बाद ही रूट, टोल और एंट्री-एग्जिट पॉइंट की स्पष्ट जानकारी मिलेगी।
यात्रा के दौरान ध्यान रखें
एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार सुविधा देता है, लेकिन सुरक्षा सबसे जरूरी है। सीट बेल्ट पहनें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और लंबी यात्रा से पहले वाहन की जांच जरूर कराएं।
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साथ ही हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थलों पर भीड़ रहती है, इसलिए सुबह के समय यात्रा करना बेहतर रहेगा। पार्किंग और घाट क्षेत्र में भीड़ से बचने के लिए समय पहले से योजना बनाना उचित रहेगा।